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सेरिब्रल पाल्सी में उत्पन्न हो जाती है सामान्य विकास में विकृति
इंदौर. एमजीएम अलाइड हेल्थ साइंसेज इंस्टीट्यूट (MAHSI), एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय इंदौर में मस्तिष्क पक्षाघात एवं सेरिब्रल पाल्सीके मरीजों के पुनर्वास हेतु अतिथि व्याख्यान विश्व स्तरीय प्रवक्ता एवं रिसर्चर डॉ. राजुल वासा संस्थापक , राजुल वासा फाउंडेशन-मुम्बई द्वारा महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय इंदौर के सभागृह मेंउनके द्वारा विकसित “वासा पद्धति” पर अतिथि व्याख्यान दिया गया.
जिसमे उनके द्वारा प्रभावित मरीजों के पुनर्वास एवं उन्हें व्यवहारिक जीवन में पुनः स्थापित करने हेतु विभिन्न तकनीको का प्रदर्शन किया , जिसको समस्त सहभागियों द्वारा सराहनीय एवं तकनिकी विकास हेतु आवश्यक माना I उनके द्वारा साथ ही बताया गया की जन्म के समय से ही मानव शरीर का विकास सतत रूप से जरी रहता है एवं मस्तिष्क पक्षाघात एवं सेरिब्रल पाल्सी जैसी अवस्थाओ में सामान्य विकास में विकृति उत्पन्न हो जाती है.
तदोपरांत शरीर की मांस पेशिया उपयुक्त तंत्रिकीय प्रवाह के अभाव में विकृत रूप से कार्य करने लग जाती है , जिससे समस्त समान्य क्रिया-कलाप प्रभावित होंते है अत : मस्तिष्क पक्षाघात के पश्चात मरीज एवं परिजनों को उचित उपचार एवं मरीज के विकास हेतु सतत रूप से दैनिक गतिविधियों में उचित स्वरूप में करने हेतु प्रयास किये जाये , ताकि विकृत स्वरुप में विकास होने से मरीज के सारे दैनिक कार्य विकृत नहीं होवे I

मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. ज्योति बिंदल की अध्यक्षता में व्याख्यान समपन्न हुआ , जिसमे कॉलेज की समस्त विभागाध्यक्ष, पोस्ट ग्रैजुएट रेजिडेंट डॉक्टर के साथ महात्मा गांधी स्मृति अलाइड हेल्थ साइंसेज इंस्टीट्यूट (MAHSI) के लगभग 300 छात्रों ने सहभागिता की, व्याख्यान के मूल उद्देश्य मरीजों की बीमारी एवं विकलांगता को पृथक रूप से आकलन किया जाना एवं विकलांगता के अनुसार ही मरीज की परिचर्या एवं गतिविधियों का प्रशिक्षण दिए जाने हेतु प्रशिक्षित किया गया .
महात्मा गांधी स्मृति अलाइड हेल्थ साइंसेज इंस्टीट्यूट (MAHSI) के प्राचार्य डॉ.रामहरी मीणा द्वारा अधिष्ठाता महोदय समस्त विभागाध्यक्ष, प्रोफेसर ,रेजिडेंट डॉक्टर एवं विद्यार्थियों को व्याख्यान में सम्मिलित होने हेतु आभार प्रदर्शित किया , डॉ.राजुल वासा एवं उनकी सहयोगी अर्पिता राय को संस्था में आकर अतिथि व्याख्यान द्वारा समस्त शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को लाभान्वित करने हेतु विशेष धन्यवाद दिया गया .


